129 पिछला भाग नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के बारे में सुनकर रश्मि का मन श्रद्धा से भर गया था। वह आस्था के घर के मंदिर के सामने कुछ देर चुपचाप खड़ी रही। मंदिर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन वहाँ एक अलग ही शांति महसूस हो रही थी। दीपक की लौ धीरे-धीरे जल रही थी, अगरबत्ती की हल्की सुगंध पूरे कमरे में फैल रही थी, और सामने माँ दुर्गा की मूर्ति बहुत सुंदर लग रही थी। रश्मि ने धीरे से कहा— “आस्था जी… आपका मंदिर बहुत शांत और पवित्र लगता है। यहाँ आकर मन अपने आप शांत हो जाता है।” आस्था मुस्कुराई। “रश्मि, यह सब माँ की कृपा है। जब घर में नियमित पूजा होती है, तो घर का वातावरण भी बदल जाता है।” रश्मि थोड़ी देर सोचकर बोली— “मैं इस बार नवरात्रि में व्रत रखना चाहती हूँ और अपने घर में पूजा भी करना चाहती हूँ। लेकिन मुझे सबसे पहले यह बताइए कि नवरात्रि में घट स्थापना कैसे करते हैं?” आस्था ने धीरे से कहा— “बहुत अच्छा विचार है। नवरात्रि की पूजा की शुरुआत ही घट स्थापना या कलश स्थापना से होती है।” नवरात्रि में घट स्थापना का महत्व आस्था ने समझाया— “घट स्थापना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है। यह माँ दुर्गा को अपने घर में आमंत्रित करने का प्रतीक है।” हिंदू धर्म में कलश को बहुत पवित्र माना जाता है।यह समृद्धि, जीवन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। जब नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापित किया जाता है, तो माना जाता है कि माँ दुर्गा की दिव्य शक्ति घर में प्रवेश करती है। इसलिए घट स्थापना को अत्यंत श्रद्धा और विधि के साथ करना चाहिए। घट स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री आस्था ने रश्मि को एक कागज़ दिया और बोली— “पहले यह सामग्री तैयार कर लेना।” नवरात्रि घट स्थापना के लिए सामान्यतः यह सामग्री उपयोग होती है: मिट्टी का कलश गंगाजल या स्वच्छ जल आम या अशोक के पत्ते नारियल लाल कपड़ा चावल (अक्षत) मिट्टी जौ (जवारे) फूल और रोली दीपक और अगरबत्ती रश्मि ध्यान से सब लिखती जा रही थी। नवरात्रि घट स्थापना की विधि आस्था ने धीरे-धीरे पूरी विधि समझाई। नवरात्रि में कलश स्थापना देव-देवताओं के आह्वान से पूर्व की जाती है। कलश स्थापना करने से पूर्व आपको कलश को तैयार करना होगा जिसकी सम्पूर्ण विधि इस प्रकार है 1️⃣ पूजा स्थान की सफाई सबसे पहले घर के उस स्थान को साफ करें जहाँ आप पूजा करेंगे।उस स्थान को पवित्र माना जाता है, इसलिए वहाँ स्वच्छता बहुत जरूरी है। 2️⃣ मिट्टी में जौ बोना सबसे पहले मिट्टी के बड़े पात्र में थोड़ी सी मिट्टी डालें। और उसमे जौ बो दें। अब इस पात्र में दोबारा थोड़ी मिटटी और डालें। और फिर बीज डालें। उसके बाद सारी मिट्टी पात्र में डाल दें और फिर बीज डालकर थोड़ा सा जल डालें। यह जौ समृद्धि और जीवन की वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। 3️⃣ कलश स्थापना पूजा करते समय कलश जहां स्थापित करना हो, वहां हल्दी और चावल से अष्टदल बनाया जाता है। उसके ऊपर चावल रखे जाते हैं। चावल के ऊपर कलश रखा जाता है। पूजा में सोने, चांदी, मिट्टी और तांबे का कलश रख सकते हैं। ध्यान रखें कि लोहे का कलश पूजा में नहीं रखना चाहिए। कलश को हमेशा ईशान कोण में स्थापित करना शुभ माना जाता है। सबसे पहले कलश में थोड़ा गंगाजल डालें, उसके बाद साफ जल से कलश को भर दें। अब इसमें सुपारी, दूर्वा, एक सिक्का, हल्दी की गांठ और अक्षत डालें। कुछ लोग इसमें जौ, काले तिल, लौंग, इलायची, पान और अन्य सामग्री भी डालते हैं। इसके बाद कलश के ऊपर स्वस्तिक बनाया जाता है। कलश के ऊपर कुछ लोग मौली भी लपेटते हैं, जिसे 3, 5, 7 या 9 बार लपेटा जाता है। 4️⃣ आम के पत्ते और नारियल रखना अब आम के 7 या 9 साफ पत्तों पर रोली-कुमकुम का तिलक लगाकर उन्हें कलश के ऊपर रखें। इसके बाद नारियल को एक लाल कपड़े या चुनरी में लपेटकर उसके चारों ओर मौली बाँध लें, फिर उसे कलश के ऊपर स्थापित करें। ध्यान रखें कि नारियल का ऊपरी हिस्सा माता की ओर या सीधा होना चाहिए। 5️⃣ माँ दुर्गा का ध्यान अब माँ दुर्गा का ध्यान करते हुए दीपक जलाएँ और पूजा आरंभ करें। आस्था बोली—“याद रखना रश्मि, सबसे महत्वपूर्ण चीज है सच्ची श्रद्धा। विधि जितनी सरल होगी, मन उतना ही शांत रहेगा।” घट स्थापना का आध्यात्मिक अर्थ रश्मि ने पूछा— “आस्था जी, जौ बोने का क्या मतलब होता है?” आस्था ने समझाया— “जौ के अंकुर यह संकेत देते हैं कि आने वाला समय शुभ और समृद्धि से भरा होगा।” नवरात्रि के अंत तक जब जौ हरे हो जाते हैं, तो उन्हें माँ दुर्गा का आशीर्वाद माना जाता है। घट स्थापना कब करनी चाहिए आस्था ने बताया— घट स्थापना नवरात्रि के पहले दिन की जाती है। यह आमतौर पर सुबह के शुभ मुहूर्त में की जाती है। कुछ लोग इसे अभिजीत मुहूर्त या शुभ लग्न में भी करते हैं। नवरात्रि में घट स्थापना के बाद क्या करें कलश स्थापित करने के बाद: रोज दीपक जलाएँ माँ दुर्गा की आरती करें दुर्गा चालीसा या मंत्र का पाठ करें इससे घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बना रहता है। निष्कर्ष आस्था की बातें सुनकर रश्मि के मन में एक नई श्रद्धा जाग गई। उसे लगा कि नवरात्रि केवल परंपरा नहीं बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का अवसर है। उसने मन ही मन निश्चय किया— “इस बार नवरात्रि में मैं अपने घर में पूरे श्रद्धा के साथ घट स्थापना करूँगी।” माँ दुर्गा की मूर्ति के सामने दीपक की लौ धीरे-धीरे जल रही थी। और रश्मि के मन में भी भक्ति का दीपक जल चुका था। अगला भाग FAQ नवरात्रि में घट स्थापना क्यों की जाती है घट स्थापना माँ दुर्गा को घर में आमंत्रित करने और पूजा की शुरुआत का प्रतीक है। घट स्थापना में जौ क्यों बोए जाते हैं जौ समृद्धि, उन्नति और शुभ भविष्य का प्रतीक माने जाते हैं। Was this article helpful?Yes0No0 festivalskalash sthapananavratriघट स्थापना Leave a Comment Cancel Reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ previous post रश्मि की नई जिंदगी और नई पड़ोसन next post माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों का विस्तृत वर्णन Joe You may also like नवरात्रि पूजा विधि – माँ दुर्गा की आराधना... मार्च 19, 2026 नवरात्रि में अखंड ज्योति क्यों जलाई जाती है? मार्च 18, 2026 नवरात्रि व्रत में क्या खाएं – जब रश्मि... मार्च 18, 2026 नवरात्रि में जौ क्यों बोए जाते हैं मार्च 18, 2026 नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? मार्च 18, 2026 रश्मि और आस्था की नवरात्रि यात्रा – कहानी... मार्च 18, 2026 नवरात्रि के 9 रंग और उनका महत्व मार्च 17, 2026 माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों का विस्तृत वर्णन मार्च 17, 2026 रश्मि की नई जिंदगी और नई पड़ोसन मार्च 16, 2026 नवरात्रि का संपूर्ण मार्गदर्शक – पूजा, व्रत, नवदुर्गा... मार्च 16, 2026