भारतीय संस्कृति रघुनाथजी मंदिर का इतिहास और स्थापत्य by Joe दिसम्बर 15, 2025 by Joe देवप्रयाग गंगा संगम कथा पंडित जी ने संगम की ओर देखा।कुछ क्षणों तक वे बहती धाराओं को निहारते रहे, मानो स्मृतियों की नदी में उतर गए हों। फिर धीमे स्वर में बोले— “हाँ बेटा… यही वो धरती है, जहाँ मर्यादा … 0 FacebookTwitterLinkedinRedditWhatsappCopy LinkEmail
तीर्थ स्थल देवप्रयाग का रघुनाथ मंदिर: जहाँ आस्था, इतिहास और प्रकृति एक साथ मिलते हैं by Joe नवम्बर 26, 2025 by Joe “अच्छा… और उसके बाद क्या हुआ, पंडित जी?”अथर्वा ने जैसे ही उत्सुकता से यह प्रश्न पूछा, मंदिर में बैठे सभी भक्तों का ध्यान एकदम उसी की ओर खिंच गया। उसे तुरंत एहसास हुआ कि शायद उसने ज़रा ज़्यादा ही जोश … 0 FacebookTwitterLinkedinRedditWhatsappCopy LinkEmail
पौराणिक कथाएँ विद्वत्ता का अभिमान by Jyoti Bora मार्च 6, 2025 by Jyoti Bora सरस्वती महाकवि कालिदास की वाणी में निवास करती थीं। कोई भी उन्हें शास्त्रार्थ में पराजित नहीं कर सकता था। अपार प्रसिद्धि, प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त करने के बाद, एक बार कालिदास को अपने विद्वान होने का अभिमान हो गया। उन्होंने … 0 FacebookTwitterLinkedinRedditWhatsappCopy LinkEmail
कहानियांपौराणिक कथाएँ वृंदावन के एक भक्त की कहानी by Jyoti Bora मार्च 6, 2025 by Jyoti Bora वृंदावन में एक भक्त था, जो ठाकुर जी से अत्यंत प्रेम करता था। वह प्रतिदिन बड़े भाव से ठाकुर जी का श्रंगार करता, कभी खुशी में रोता तो कभी आनंद में नृत्य करता। एक दिन जब वह ठाकुर जी का … 0 FacebookTwitterLinkedinRedditWhatsappCopy LinkEmail
कहानियांपौराणिक कथाएँ कानून का नियम – जीवन का सत्य by Jyoti Bora मार्च 6, 2025 by Jyoti Bora एक दिन एक भक्त ने मुनि श्रेष्ठ से प्रश्न किया कि भगवान राम का विवाह और राज्याभिषेक दोनों ही शुभ मुहूर्त देखकर किए गए, फिर भी न तो उनका दांपत्य जीवन सफल रहा और न ही राज्याभिषेक! “सुनहु भरत भावी … 0 FacebookTwitterLinkedinRedditWhatsappCopy LinkEmail