महाराष्ट्र का इतिहास

महाराष्ट्र भारत के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक राज्य है। यह भारत का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला और क्षेत्रफल के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। इस राज्य में मुंबई, नागपुर, नासिक और पुणे जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।

महाराष्ट्र का क्षेत्र चौथी शताब्दी ईसा पूर्व (BCE) से एक समृद्ध इतिहास समेटे हुए है, हालांकि वर्तमान महाराष्ट्र राज्य का गठन 1960 ईस्वी (CE) में हुआ।


भाषा और लिपि का इतिहास

  • चौथी शताब्दी ईसा पूर्व से 875 ईस्वी तक, इस क्षेत्र में महाराष्ट्री प्राकृत और इसकी विभिन्न अपभ्रंश (उपभाषाएं) प्रचलित थीं।
  • मराठी भाषा महाराष्ट्री प्राकृत से विकसित हुई और 9वीं शताब्दी से यह इस क्षेत्र की प्रमुख भाषा बन गई।
  • मराठी भाषा में लिखी गई सबसे पुरानी शिलालेखों की खोज 975 ईस्वी के आसपास की गई है।
  • यह शिलालेख वर्तमान में कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में स्थित बाहुबली प्रतिमा के निकट देखे जा सकते हैं।

प्राचीन महाराष्ट्र का स्वरूप

इतिहास में महाराष्ट्र एक भौगोलिक क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, जिसमें अपारांत, विदर्भ, मूलक, अस्सक (अश्मक) और कुन्तल जैसे क्षेत्र शामिल थे।

  • इस क्षेत्र में प्राचीन काल में भील जनजातियां बसी हुई थीं, जिसे उस समय दंडकारण्य भी कहा जाता था।
  • इसके अलावा, एक प्राचीन जाति “रठ्ठ” (रठ्ठ/राष्ट्र) भी यहां निवास करती थी, जो स्वयं को “महारठ्ठ” (महान राष्ट्र) कहती थी।
  • महाराष्ट्र नाम का पहला उल्लेख 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग (Huan Tsang) के यात्रा वृतांत में मिलता है।

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