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गोवा का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से जुड़ा हुआ है, हालांकि वर्तमान गोवा राज्य 1987 में स्थापित किया गया था। यह भारत का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन इसका इतिहास विविध और समृद्ध रहा है। गोवा का इतिहास भारतीय इतिहास से काफी मिलता-जुलता है, खासकर औपनिवेशिक प्रभाव और बहु-सांस्कृतिक विरासत के संदर्भ में।
प्राचीन काल
- उसगालिमल शिलालेख, जो ऊपरी पुरापाषाण (Upper Paleolithic) या मध्य पाषाण (Mesolithic) काल के माने जाते हैं, भारत में मानव बस्तियों के कुछ सबसे पुराने प्रमाण देते हैं।
- लौह युग (Iron Age) के दौरान, आधुनिक गोवा पर मौर्य और सातवाहन साम्राज्य का शासन था।
मध्यकाल
- मध्ययुगीन काल में, गोवा पर कदंब वंश, विजयनगर साम्राज्य, बहमनी सल्तनत और बीजापुर सल्तनत का शासन रहा।
पुर्तगाली शासन (1510 – 1961)
- 1510 में, पुर्तगालियों ने बीजापुर सल्तनत को हराकर गोवा पर कब्जा कर लिया।
- 1560 में गोवा में “गोवा इन्क्विज़िशन” (धार्मिक न्यायालय) स्थापित किया गया, जिसमें हिंदू, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए गए।
- पुर्तगाली शासन लगभग 450 वर्षों तक चला और इस दौरान गोवा की संस्कृति, खानपान और वास्तुकला पर गहरा प्रभाव पड़ा।
भारतीय स्वतंत्रता और गोवा का विलय (1961 – 1987)
- 1961 में भारतीय सेना ने “ऑपरेशन विजय” के तहत गोवा पर सैन्य कार्रवाई की और इसे भारत में मिला लिया।
- गोवा को “गोवा, दमन और दीव” केंद्र शासित प्रदेश के रूप में शामिल किया गया।
- 1987 में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया, और यह भारत का 25वां राज्य बना।